कोई उंगली उठाये उससे पहले जनता के पैसे का एसडीएम को देना चाहिए ब्यौराः रामलाल शर्मा.....DD Express News
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कोई उंगली उठाये उससे पहले जनता के पैसे का एसडीएम को देना चाहिए ब्यौराः रामलाल शर्मा
चौमू भाजपा व विधायक कर चुके हैं अपने हिसाब-किताब को सार्वजनिक
चौमू। भारतीय जनता पार्टी जयपुर देहात (उत्तर) जिलाध्यक्ष व विधायक रामलाल शर्मा ने गुरुवार को एक वीडियो जारी कर कोविड-19 फंड की राशि के चैकों के मामले में आशंका जताई है, उन्होंने कहा कि अभी तक चौमू एसडीएम ने भी कोविड-19 के चैकों का ब्यौरा नहीं दिया है। एसडीएम को किसी के द्वारा अंगुली उठाए जाने से पहले जनता के पैसे का ब्यौरा देना चाहिए। विधायक रामलाल शर्मा ने कहा कि कुछ दिनों से अखबारों की सुर्खियां बनी हुई है कि उपखंड अधिकारी बस्सी को जनता द्वारा मुख्यमंत्री सहायता कोष के लिए जो चैक दिए गए थे, उनमें से कुछ चैकों पर मुख्यमंत्री सहायता कोष नहीं लिखा हुआ था। वह खाली चैक थे, उन पर राशि लिखी हुई थी, व देने वाले के हस्ताक्षर थे। अखबारों से मिली जानकारी के अनुसार उपखंड अधिकारी बस्सी ने मुख्यमंत्री सहायता कोष लिखे हुए लगभग 20-22 लाख रुपए तो मुख्यमंत्री सहायता कोष में जमा करवा दिए। लेकिन जिन चैको पर मुख्यमंत्री सहायता कोष नहीं लिखा था, उन चैकों को अपने उपखंड के कोष में जमा करवाकर उस राशि का उपयोग कर लिया। विधायक शर्मा ने कहा कि इस प्रकार की घटना एक जगह नहीं अनेकों जगह होने की आशंका है और उन्होंने कहा कि चौमू विधानसभा क्षेत्र के अंदर जो उपखंड अधिकारी है, उनको भी यह स्पष्ट करना चाहिए कि चौमू की जनता ने किस-किस ने कितने रुपए के चैक दिए। बाकायदा उनकी सूची सार्वजनिक होनी चाहिए और इसके साथ में कितने लोग ऐसे हैं जिनके चैक पर मुख्यमंत्री सहायता कोष नहीं लिखा हुआ है, क्या उन चैकों का दुरुपयोग तो नहीं हुआ है, यह भी स्पष्ट होना होना चाहिए। ताकि लोगों में पारदर्शिता बनी रहे। विधायक शर्मा ने कहा कि हमने सार्वजनिक तौर पर हमारा हिसाब दे दिया है। बीजेपी कार्यकर्ताओं द्वारा पीएम केयर फंड व ग्रामीण युवा कल्याण संस्थान में आई हुई राशि का हिसाब किताब हमने सार्वजनिक किया है। कुछ राशि ऐसी थी जिसमें देने वाले ने नाम सार्वजनिक नहीं करने को कहा था, जिसका भी उल्लेख हमने हिसाब किताब में किया है। विधायक शर्मा ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में शुचिता लाने के लिए हमने सब चीजें रखी है। इसी तरीके से उपखंड अधिकारी को भी जनता से ली गई राशियों को सामने रखना चाहिए, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और कोई उंगली उठाए उससे पहले जनता के पैसे का ब्योरा एसडीएम को देना चाहिए।
कोई उंगली उठाये उससे पहले जनता के पैसे का एसडीएम को देना चाहिए ब्यौराः रामलाल शर्मा
चौमू भाजपा व विधायक कर चुके हैं अपने हिसाब-किताब को सार्वजनिक
चौमू। भारतीय जनता पार्टी जयपुर देहात (उत्तर) जिलाध्यक्ष व विधायक रामलाल शर्मा ने गुरुवार को एक वीडियो जारी कर कोविड-19 फंड की राशि के चैकों के मामले में आशंका जताई है, उन्होंने कहा कि अभी तक चौमू एसडीएम ने भी कोविड-19 के चैकों का ब्यौरा नहीं दिया है। एसडीएम को किसी के द्वारा अंगुली उठाए जाने से पहले जनता के पैसे का ब्यौरा देना चाहिए। विधायक रामलाल शर्मा ने कहा कि कुछ दिनों से अखबारों की सुर्खियां बनी हुई है कि उपखंड अधिकारी बस्सी को जनता द्वारा मुख्यमंत्री सहायता कोष के लिए जो चैक दिए गए थे, उनमें से कुछ चैकों पर मुख्यमंत्री सहायता कोष नहीं लिखा हुआ था। वह खाली चैक थे, उन पर राशि लिखी हुई थी, व देने वाले के हस्ताक्षर थे। अखबारों से मिली जानकारी के अनुसार उपखंड अधिकारी बस्सी ने मुख्यमंत्री सहायता कोष लिखे हुए लगभग 20-22 लाख रुपए तो मुख्यमंत्री सहायता कोष में जमा करवा दिए। लेकिन जिन चैको पर मुख्यमंत्री सहायता कोष नहीं लिखा था, उन चैकों को अपने उपखंड के कोष में जमा करवाकर उस राशि का उपयोग कर लिया। विधायक शर्मा ने कहा कि इस प्रकार की घटना एक जगह नहीं अनेकों जगह होने की आशंका है और उन्होंने कहा कि चौमू विधानसभा क्षेत्र के अंदर जो उपखंड अधिकारी है, उनको भी यह स्पष्ट करना चाहिए कि चौमू की जनता ने किस-किस ने कितने रुपए के चैक दिए। बाकायदा उनकी सूची सार्वजनिक होनी चाहिए और इसके साथ में कितने लोग ऐसे हैं जिनके चैक पर मुख्यमंत्री सहायता कोष नहीं लिखा हुआ है, क्या उन चैकों का दुरुपयोग तो नहीं हुआ है, यह भी स्पष्ट होना होना चाहिए। ताकि लोगों में पारदर्शिता बनी रहे। विधायक शर्मा ने कहा कि हमने सार्वजनिक तौर पर हमारा हिसाब दे दिया है। बीजेपी कार्यकर्ताओं द्वारा पीएम केयर फंड व ग्रामीण युवा कल्याण संस्थान में आई हुई राशि का हिसाब किताब हमने सार्वजनिक किया है। कुछ राशि ऐसी थी जिसमें देने वाले ने नाम सार्वजनिक नहीं करने को कहा था, जिसका भी उल्लेख हमने हिसाब किताब में किया है। विधायक शर्मा ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में शुचिता लाने के लिए हमने सब चीजें रखी है। इसी तरीके से उपखंड अधिकारी को भी जनता से ली गई राशियों को सामने रखना चाहिए, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और कोई उंगली उठाए उससे पहले जनता के पैसे का ब्योरा एसडीएम को देना चाहिए।

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